

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के नन्ही टेहरी गांव स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब गेहूं की एक बोरी खोलने पर उसमें कथित तौर पर किसी जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलीं। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए राशन लेने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एहतियातन दुकान को सील कर गेहूं का वितरण रोक दिया।
पहली बोरी खुलते ही सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं का वितरण शुरू हुआ था। पहली ही बोरी में कथित हड्डियां मिलने पर हितग्राहियों ने विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और अन्य बोरियों की भी जांच कराई। प्रारंभिक जांच में बाकी बोरियों में ऐसी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन सतर्कता बरतते हुए पूरे स्टॉक का वितरण तत्काल रोक दिया गया।
163 क्विंटल गेहूं की खेप वापस भेजी जाएगी
खाद्य विभाग के अनुसार, उचित मूल्य दुकान पर वितरण के लिए करीब 163 क्विंटल गेहूं पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह खेप विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से भेजी गई थी और बोरी पर खरीदी केंद्र के रूप में सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है।
विभाग ने पूरे स्टॉक को वापस भेजने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर नई खेप उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह जांच भी शुरू कर दी गई है कि संबंधित बोरी में कथित हड्डियां कैसे पहुंचीं।
पहले भी सामने आ चुका है खराब गेहूं का मामला
टीकमगढ़ जिले में राशन की गुणवत्ता को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में दमोह से आई 6,265 बोरियों में कीड़े, घुन, मिट्टी, नमी, बदबू और क्षतिग्रस्त दाने मिलने की शिकायत के बाद करीब 3,132 क्विंटल गेहूं वापस लौटा दिया गया था। उस घटना के बाद भी सरकारी खरीद, भंडारण और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे।











