इंदौर : पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में जांच के दौरान एक नया और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन कर पति से अलग होने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने भाई से जल्द से जल्द वकील की व्यवस्था करने और तलाक की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद ही उनकी हत्या कर दी गई।

सुबह बातचीत, फिर हो गई वारदात

पुलिस जांच के मुताबिक, 11 जुलाई की सुबह करीब 8 बजकर 22 मिनट पर उर्मिला ने अपने भाई को फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब वह पति के साथ नहीं रहना चाहतीं और तुरंत तलाक लेना चाहती हैं। परिवार ने इसे पति पत्नी के बीच होने वाला सामान्य विवाद समझकर गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन करीब 9 बजे के आसपास आरोपी पति अखिलेश ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर उनकी जान ले ली।

हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश

जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौटा था। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। हत्या करने के बाद उसने खून के निशान मिटाने के लिए स्नान किया, कपड़े बदले और घर से बाहर निकल गया। दोपहर करीब एक बजे जब बच्चे स्कूल से लौटे तो उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में देखा। घबराए बच्चों ने तुरंत अपने मामा को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पिता ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

मृतका के पिता सत्यनारायण मालाकार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही अखिलेश उनकी बेटी के साथ लगातार विवाद करता था। परिवार को उसकी परेशानियों की जानकारी थी और उन्होंने कई बार उर्मिला को तलाक लेने की सलाह भी दी थी। हालांकि उर्मिला अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए यह कदम उठाने से हिचक रही थीं। परिवार का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थीं और पति से अलग होना चाहती थीं।

11 जुलाई को हुई थी हत्या

गौरतलब है कि 11 जुलाई को इंदौर की डाक कुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की उनके पति अखिलेश ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

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