

बलरामपुर: जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान आयोजित किया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ एवं नोडल अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में जनभागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले की थीम पर वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, ग्राम संपर्क इत्यादि गतिविधियां आयोजित की गई। आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में भी जनजातीय गरिमा उत्सव का समन्वय कर लाभान्वित किया जा रहा है।
सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा के द्वारा आज कुसमी में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने की बात कही। इस मौके पर आमजनों को जनभागीदारी अभियान संबंध में उन्मुखीकरण भी किया गया। इस दौरान उन्होंने अभियान अंतर्गत प्रत्येक दिवसों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत लाभार्थी संतृप्ति, स्वास्थ्य शिविर, वृक्षारोपण, सेवा केंद्र में जनसुनवाई आदि गतिविधियां शामिल है। इसी प्रकार रामचन्द्रपुर में आयोजित शिविर में आमजनों को अभियान के बारे में जानकारी दी गई।
जनजातीय समुदायों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
जनभागीदारी अभियान अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर में पहाड़ी कोरवा सहित अन्य जनजातीय समुदायों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर उचित उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी जानकारी भी दी गई।
वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वृक्षारोपण अभियान अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण का संदेश दिया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों द्वारा पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास समीक्षा जायसवाल ने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 25 मई तक आयोजित इस जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान धरती आबा अंतर्गत जिले के चयनित 428 आदिवासी बहुल ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान सुनिश्चित करने के साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण का प्रयास किया जाएगा। यह उत्सव एक जनभागीदारी अभियान सबसे दूर, सबसे पहले की थीम पर मनाया जा रहा है।





















