

सूरजपुर: कलेक्टर रेना जमील द्वारा शिक्षा विभाग, खेल विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर जिले की शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुविधाओं, खेल गतिविधियों एवं छात्रावास प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में नए शिक्षा सत्र की तैयारियों को लेकर विशेष रूप से चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्यार्थियों के आधार कार्ड अपडेट, अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र एवं अन्य पहचान पत्रों के लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अपार आईडी का शत-प्रतिशत जनरेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही पुस्तकालयों की व्यवस्था, पुस्तकों की उपलब्धता, विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत लाभान्वित विद्यार्थियों, छात्रवृत्ति वितरण, न्योताभोज कार्यक्रम, मध्यान्ह भोजन, गणवेश वितरण एवं आगामी सत्र शुरू होने से पहले स्कूल भवनों की साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत छात्र नामांकन सुनिश्चित करने तथा पाठ्य पुस्तकों के समयानुसार स्कैनिंग एवं वितरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ब्लॉकवार विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गोद लिए गए पीएम श्री स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेश की भी समीक्षा की गई। बैठक में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर कलेक्टर श्रीमती जमील ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। नशा करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से आवश्यक कदमों की जानकारी ली गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में वेतन वृद्धि रोकने से लेकर सेवा से पृथक करने तक की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार निलंबित शिक्षकों पर विभागीय जांच संस्थित करने के निर्देश दिए गए।
संपूर्णता अभियान के तहत स्कूलों में शौचालयों की स्थिति, साफ-सफाई और पानी की उपलब्धता की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में शौचालयों में पानी सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक विद्यालय में स्वीपर व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जहां पेयजल संकट है वहां पीएचई विभाग द्वारा आवश्यक जांच कराने के निर्देश दिए।बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए सभी विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए बैठक में स्कूलों में संचालित खेल गतिविधियों और खेल विकास की समीक्षा भी की गई। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में खेल गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने को लेकर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल क्षेत्र में रुचि रखने वाले कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। NEET, JEE एवं PAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग करने, उन्हें मार्गदर्शन देने तथा संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही प्रत्येक शनिवार "बैगलेस डे" के दौरान ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग एवं डाउट क्लियरिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कलेक्टर ने शिक्षा स्तर मापने हेतु इंडिकेटर विकसित करने, छात्रों का नियमित मासिक मूल्यांकन, यूनिट टेस्ट और प्रत्येक अध्याय पूर्ण होने के बाद क्वेरी रिजॉल्यूशन क्लास संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों के लिए मानक टेस्ट पेपर जिला स्तर पर तैयार किए जाएंगे, जिन्हें सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों में बेसिक न्यूमरेसी एवं इंग्लिश लर्निंग के प्रति रुचि विकसित करने के लिए विशेष प्रयास करने तथा आवश्यकता अनुसार शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल विकास के लिए विशेष कोर्स तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में आश्रम एवं छात्रावासों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। छात्रावास भवनों की मरम्मत, बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा विशेष रूप से कन्या छात्रावासों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नए शिक्षा सत्र में जिले के सभी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और पाठ्यक्रमानुसार गुणवत्तापूर्ण अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक संचालक शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जिला खेल अधिकारी एवं सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।





















