अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने शैक्षणिक भविष्य को संवारने के उद्देश्य से बी.एड. परीक्षा देने मध्य प्रदेश के सागर गई एक शिक्षिका की घर लौटने के दौरान सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे कुसमी क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। मृतका कुसमी निवासी एवं माध्यमिक शाला दर्रीपारा में पदस्थ शिक्षिका राखी कश्यप है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षिका राखी कश्यप अपने पति सौरभ कुमार, जो कुसमी के खीखीरपारा निवासी एवं कुसमी में व्याख्याता हैं, तथा एक अन्य शिक्षक मुनेश्वर राम के साथ बी.एड. परीक्षा देने मध्य प्रदेश के सागर गए हुए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद तीनों अपने गृहक्षेत्र लौट रहे थे। इसी दौरान रविवार सुबह लगभग 5 बजे अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर सरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर के समीप धान मंडी के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।

बताया जा रहा है कि तीनों शिक्षकों को अंबिकापुर से एक चालक वाहन द्वारा सागर लेकर गया था। चालक ने सभी को सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया तथा परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस अंबिकापुर तक भी सुरक्षित ले आया। अंबिकापुर पहुंचने के बाद चालक को वहीं छोड़ दिया गया, जिसके बाद वाहन को शिक्षिका राखी कश्यप के पति एवं व्याख्याता सौरभ कुमार स्वयं चला रहे थे। कार की अगली सीट पर शिक्षक मुनेश्वर राम बैठे हुए थे, जबकि शिक्षिका राखी कश्यप पीछे की सीट पर सवार थीं।

इसी दौरान कल्याणपुर के समीप वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में सौरभ कुमार एवं मुनेश्वर राम सुरक्षित हैं, जबकि पीछे बैठी शिक्षिका राखी कश्यप को गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों एवं राहगीरों की मदद से घायलों को तत्काल अंबिकापुर स्थित मिशन अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने राखी कश्यप का उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मृतका राखी कश्यप कुसमी क्षेत्र के खीखीरपारा की निवासी थीं तथा वर्तमान में माध्यमिक शाला दर्रीपारा में पदस्थ थीं। वे अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण भाव के लिए जानी जाती थीं। विद्यालय में उनकी पहचान एक लोकप्रिय एवं अनुशासित शिक्षिका के रूप में थी। उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग, सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई।

राखी कश्यप अपने पीछे पति, एक पुत्र एवं एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दोनों बच्चे वर्तमान में विशाखापट्टनम में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। मां के निधन की सूचना मिलते ही बच्चों एवं परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों बच्चों को विशाखापट्टनम से उनके गृहग्राम कुसमी बुलाया गया है, जहां उन्हें अपनी मां का अंतिम दर्शन कराया जाएगा।

इस हृदयविदारक घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कुसमी क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना लेकर परीक्षा देने गई एक शिक्षिका का इस तरह असमय दुनिया छोड़ जाना बेहद दुखद है। वहीं छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

जानकारी के अनुसार शिक्षिका राखी कश्यप का पार्थिव शरीर रविवार देर शाम अंबिकापुर से कुसमी लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, परिजन एवं क्षेत्रवासी पहुंचे। सोमवार दोपहर बाद कुसमी स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस दुखद हादसे पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। पूरे कुसमी क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

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