

दिल्ली : वर्ष 2020 के दंगा मामले में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में कड़कड़डूमा कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को हत्या समेत कई गंभीर अपराधों का दोषी माना है। हालांकि अदालत ने ताहिर हुसैन के खिलाफ लगाए गए आपराधिक साजिश के आरोप को स्वीकार नहीं किया।
पांच आरोपी दोषी, छह को मिला बरी होने का लाभ
अदालत ने ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और दंगा करने के आरोपों में दोषी ठहराया है। वहीं इस मामले में छह अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। अंकित शर्मा का शव दंगों के दौरान चांदबाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई थीं गंभीर चोटें
जांच के दौरान आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित शर्मा के शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान पाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, उनके सिर, चेहरे, सीने, पीठ और कमर पर धारदार हथियार सहित अन्य हमलों के गंभीर घाव मौजूद थे।
इन धाराओं के तहत ठहराया गया दोषी
अदालत ने दोषी करार दिए गए आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत जिम्मेदार माना है। हालांकि सजा का ऐलान अभी नहीं किया गया है। अदालत अब लिखित आदेश जारी करने के बाद सजा पर सुनवाई की अगली तारीख तय करेगी।
फैसला सुनते ही भावुक हुए ताहिर हुसैन
अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट कक्ष में ताहिर हुसैन भावुक हो गए और रो पड़े। अब सभी की नजर अदालत के उस फैसले पर है, जिसमें दोषियों को दी जाने वाली सजा का निर्धारण किया जाएगा।
26 फरवरी को मिला था अंकित शर्मा का शव
गौरतलब है कि 26 फरवरी 2020 की सुबह अंकित शर्मा का शव चांदबाग इलाके के नाले से बरामद किया गया था। इसके बाद उनके पिता और भाई ने ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप लगाया था। मामले की जांच के बाद यह प्रकरण अदालत तक पहुंचा, जिस पर अब दोषसिद्धि का फैसला सामने आया है।











