

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा अंबिकापुर में 16 जून 2026 को विश्वविद्यालय एवं अर्थीफैक्ट्ज आर्टिजंज प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल के मध्य मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं तथा स्थानीय युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले की पहल एवं अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी तथा अर्थीफैक्ट्ज आर्टिजंज प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल की डायरेक्टर सुश्री अपर्णा अवस्थी ने एमओयू पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एमओयू के नोडल अधिकारी डॉ. रोहिताश देशमुख, प्राध्यापक, फार्मेसी विभाग एवं सह-नोडल अधिकारी डॉ. समन नारायण उपाध्याय, सह-प्राध्यापक, विधि विभाग उपस्थित रहे।
एमओयू के अंतर्गत विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शैक्षणिक परिधि में आने वाले हस्तशिल्पियों, कुम्हारों, विशिष्ट कृषि उत्पादकों एवं स्थानीय उत्पादों के संग्रहण एवं विपणन से जुड़े व्यक्तियों के कौशल विकास हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतीकरण, ब्रांडिंग एवं उद्यमिता विकास संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त सेवा, व्यापार, व्यवसाय, लीगल प्रोसेस आउटसोर्सिंग (एलपीओ) तथा बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) जैसे तृतीयक क्षेत्रों में भी छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें देश एवं विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
एमओयू के क्रियान्वयन से न केवल सरगुजा संभाग बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के युवाओं को भी स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही उन्हें अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान कंपनी पंजीयन, उत्पाद ब्रांडिंग, डिजिटल कैटलॉगिंग, ऑनलाइन विपणन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मॉड्यूल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें यह भी मार्गदर्शन दिया जाएगा कि किस प्रकार अपने उत्पादों को विकसित कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में उद्यमिता संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।




















