अंबिकापुर:  सरगुजा पुलिस ने छेड़छाड़ और मारपीट के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच विधि से संघर्षरत बालकों सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बेल्ट, डंडा, पत्थर और स्कूटी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 11 जून 2026 को कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 10 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने भाई के साथ स्कूटी से गांधी चौक की ओर जा रही थी। मिशन अस्पताल के पास पहुंचने पर आरोपी अतुल ताम्रकार ने उसका रास्ता रोककर गलत नियत से छेड़छाड़ की और उसकी लज्जा भंग की।पीड़िता के भाई द्वारा विरोध करने पर अतुल ताम्रकार, रोहित केडिया और उनके अन्य साथियों ने गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों, बांस के डंडे, पत्थरों और बेल्ट से उसकी पिटाई कर दी।मामले में पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 394/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। सतत प्रयासों के बाद पुलिस ने पांच विधि से संघर्षरत बालकों के साथ दो वयस्क आरोपियों अतुल ताम्रकार (21 वर्ष) और रोहित केडिया (22 वर्ष), दोनों निवासी केदारपुर, अंबिकापुर को हिरासत में लिया।पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने नाबालिग आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामग्री जब्त की है।पुलिस ने पांचों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया, जबकि दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।

इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, महिला प्रधान आरक्षक राधा यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह सहित साइबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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