

महासमुंद : जिले में वन भूमि पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 94 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए 52 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।गिरफ्तार किए गए लोगों में 40 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।
तमोरा बीट क्षेत्र में चल रहा था अवैध कब्जा, पेड़ों की कटाई भी की गई
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 और 96 आरक्षित वन क्षेत्र में की गई। आरोप है कि यहां लोगों ने वन भूमि पर कब्जा कर पेड़ों की कटाई कर उसे खेती योग्य जमीन में बदलने की कोशिश की जा रही थी।इस पूरे मामले में वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की है।
कानूनी कार्रवाई के बाद सभी आरोपी जेल भेजे गए
वन विभाग ने सभी 52 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध अतिक्रमण पर बढ़ता सख्त रुख
Forest Department Chhattisgarh ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल के समय में ऐसे मामलों पर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई, धमतरी में हटाए गए थे कब्जे
कुछ दिन पहले ही धमतरी जिले में भी वन विभाग ने बड़ा अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण हटाया था। दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र में करीब 116 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जे की शिकायतों के बाद कार्रवाई की गई थी।इस दौरान 54 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित कर बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण हटाए गए थे।
संयुक्त टीम की तैनाती से हुई प्रभावी कार्रवाई
महासमुंद और अन्य जिलों में हो रही इस तरह की कार्रवाइयों में वन विभाग के साथ राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को भी तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या अवैध कब्जे पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
वन भूमि संरक्षण पर सख्त संदेश
इस पूरी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वन भूमि पर कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है और ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

































