बलरामपुर: छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर अपराधों की रोकथाम एवं पुलिस समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को झारखंड के महुआडांड़ स्थित एसडीओपी कार्यालय में अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में दोनों राज्यों के सीमा से लगे थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न अपराधों की रोकथाम को लेकर संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता एसडीओपी कुसमी आशीष कुंजाम तथा एसडीपीओ महुआडांड़ पूजा कुमारीने की। बैठक में झारखंड से थाना प्रभारी महुआडांड़ उपनिरीक्षक मनोज कुमार तथा बलरामपुर जिले से थाना प्रभारी कोरंधा उपनिरीक्षक विमलेश सिंह, थाना प्रभारी कुसमी उपनिरीक्षक विरासत कुजूर, प्रशिक्षण उपनिरीक्षक निरेंद्र भंडारी एवं प्रशिक्षु उपनिरीक्षक जय श्री वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सीमा क्षेत्रों में अवैध बॉक्साइट खनन, गांजा एवं अफीम की खेती और तस्करी, मवेशी तस्करी, शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन, वारंटियों की तलाश एवं गिरफ्तारी, चेक पोस्ट पर नियमित जांच, नाकाबंदी और साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की जानकारी साझा करने, आपराधिक रिकॉर्ड का आदान-प्रदान करने तथा किसी भी घटना पर त्वरित संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। साथ ही विवेचना के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान और बेहतर समन्वय के लिए भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सीमा क्षेत्र में पदस्थ पुलिस अधिकारियों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय के लिए एक साझा व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से अंतर्राज्यीय अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

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