

नई दिल्ली: मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे NEET-UG 2026के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC ने एमबीबीएस सहित अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार ऑल इंडिया कोटा (AIQ की प्रथम चरण की काउंसलिंग 4 अगस्त से शुरू होगी, जबकि देशभर के मेडिकल कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र 8 सितंबर 202 से प्रारंभ होगा।
एमसीसी द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए पहले चरण की काउंसलिंग4 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगी। इस राउंड में सीट मिलने वाले अभ्यर्थियों को 22 अगस्त तक संबंधित कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।इसके बाद दूसरे चरण की काउंसलिंग 24 अगस्त से 2 सितंबर जबकितीसरे चरण की काउंसलिंग 10 सितंबर से 18 सितंबरतक आयोजित की जाएगी। वहींस्ट्रे वैकेंसी राउंड 28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा और इस राउंड के बाद प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 10 अक्टूब निर्धारित की गई है।राज्य कोटा सीटों के लिए पहले चरण की काउंसलिंग 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगी। चयनित अभ्यर्थियों को 28 अगस्त तक प्रवेश लेना होगा। इसके बाद दूसरा चरण 31 अगस्त से 8 सितंबर तीसरा चरण 16 सितंबर से 26 सितंबर और स्ट्रे वैकेंसी राउंड **3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा।
एमसीसी ने स्पष्ट किया है कि 8 सितंबर से मेडिकल कॉलेजों में नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी जबकि खाली बची सीटों को भरने के लिए बाद के काउंसलिंग राउंड जारी रहेंगे। सभी संस्थानों और राज्य काउंसलिंग प्राधिकरणों को तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शनिवार, रविवार और राजपत्रित अवकाश को भी कार्य दिवस माना जाएगा।
इस वर्ष एमसीसी ने प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। अब अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को केवल औपचारिकता के लिए कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग नहीं करनी होगी*म और उनकी सीट सिस्टम में सुरक्षित रहेगी।
इसके अलावा अभ्यर्थी एमसीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन इस्तीफा (Online Resignation) भी दे सकेंगे। इसके लिए कॉलेज जाकर आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं डीम्ड यूनिवर्सिटी के NRI कोटे में आवेदन करने वाले उम्मीदवार अब अपने आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।एमसीसी के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाना है, ताकि अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान कम परेशानी का सामना करना पड़े।











