
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को वल्लभ भवन में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में महिलाओं, बच्चों, किसानों, स्वास्थ्य, सड़क, विज्ञान और पर्यावरण से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी साझा की।
लाडली बहना के लिए पांच साल में 1.14 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाली लाडली बहना योजना को लेकर सरकार ने बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। अगले पांच वर्षों के लिए योजना के तहत 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इसी तरह लाडली लक्ष्मी योजना के लिए भी अगले पांच साल के लिए 16 हजार 326 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए महिला और बालिका कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लगातार मजबूती दी जाएगी।
मातृ वंदना और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी बड़ी राशि
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 2,137 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और कार्यों के लिए 11 हजार 835 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।इन फैसलों के जरिए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ एवं शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 870 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार से संबंधित कार्यों के लिए 870 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में शिक्षा, शोध और नई तकनीकों के इस्तेमाल को मजबूत करना बताया गया है।
नर्मदा को स्वच्छ और अविरल रखने के लिए बनेगा नमन मिशन
नर्मदा नदी के संरक्षण को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार ने नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है।मिशन के लिए राज्य अनुदान के रूप में 100 करोड़ रुपये दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पहल के जरिए नर्मदा संरक्षण से जुड़े कार्यों को एक संगठित ढांचे में आगे बढ़ाने की योजना है।
सड़क विकास निगम में बढ़ेगा प्रशासनिक ढांचा
सड़क विकास से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे सड़क परियोजनाओं के प्रबंधन और क्रियान्वयन की क्षमता को मजबूती मिलेगी।
विज्ञान और तकनीक के लिए 492 करोड़ से अधिक का प्रावधान
अगले पांच वर्षों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी योजनाओं पर भी कैबिनेट ने बड़ा दांव लगाया है। इन योजनाओं के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।सरकार विज्ञान मंथन यात्राओं, विज्ञान मेलों और साइंस ऑन व्हील्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देगी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय गणित दिवस और तकनीकी दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसके अलावा क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
5 से 15 साल के बच्चों में खोजी जाएगी खेल प्रतिभा
प्रदेश में कम उम्र के बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानने के लिए टैलेंट सर्च प्रोग्राम चलाया जाएगा। 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा।चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी खेल क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की योजना है।
डिंडौरी मॉडल को दूसरे जिलों में लागू करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में डिंडौरी जिले के बेहतर प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि जिले में जिन रणनीतियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के जरिए बेहतर परिणाम हासिल किए गए हैं, उन्हें दूसरे जिलों की स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जाए।इससे विभिन्न जिलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की गति सुधारने की कोशिश की जाएगी।
प्रधानमंत्री के संकल्पों को पूरा करने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर
बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से लिए गए संकल्पों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनके प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तक वास्तविक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि मध्य प्रदेश सरकार अगले पांच वर्षों में सामाजिक योजनाओं के साथ कृषि, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यावरण, विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है।




















