
सबलगढ़। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुविचार बोर्ड पर लिखे एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बोर्ड पर लिखा गया कथन धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और उसके नीचे शहीद भगत सिंह का नाम अंकित है। तस्वीर सामने आने के बाद स्कूल में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बोर्ड पर लिखे कथन को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल
बताया जा रहा है कि विद्यालय के सुविचार बोर्ड पर लिखा गया कि इस देश में जो नौजवान ईश्वरवादी है, वह मेरी नजर में नामर्द है। इसके नीचे भगत सिंह का नाम लिखा हुआ है।यह कथन सामने आने के बाद मुख्य सवाल यह उठ रहा है कि विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए लगाए जाने वाले सुविचार बोर्ड पर धार्मिक आस्था को लेकर इस तरह की टिप्पणी लिखना कितना उचित है। स्कूल एक शैक्षणिक परिसर है, इसलिए ऐसे किसी भी कथन को लेकर उसकी भाषा, संदर्भ और प्रमाणिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शिक्षक और प्रभारी प्राचार्य की भूमिका पर भी नजर
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पीके दुलावट द्वारा यह कथन बोर्ड पर लिखे जाने की बात कही जा रही है। वहीं मोहन वर्मा विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बताए जा रहे हैं।हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड पर लिखे गए कथन को विद्यालय प्रबंधन की अनुमति थी या नहीं। यह भी सामने आना बाकी है कि इसे किस संदर्भ में विद्यार्थियों के सामने रखा गया था।
क्या यह वास्तव में भगत सिंह का कथन है, इसकी भी होगी जांच
इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू कथन की प्रमाणिकता भी है। बोर्ड पर लिखे गए वाक्य के साथ भगत सिंह का नाम जोड़ा गया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे में शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन के लिए यह भी जरूरी होगा कि कथन के मूल स्रोत और उसके संदर्भ की जांच की जाए। किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम से किसी विचार को प्रसारित करने से पहले उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
अब शिक्षा विभाग के रुख पर टिकी नजर
सुविचार बोर्ड की तस्वीर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस मामले को किस तरह लेते हैं और क्या जांच कराई जाती है।फिलहाल वायरल तस्वीर और उससे जुडे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।




















