

दिल्ली : राजधानी में वाहन चोरी के बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए Delhi Police की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का खुलासा किया है। यह गिरोह अब तक 1000 से ज्यादा चोरी की गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबारा रजिस्टर कर बेच चुका था। इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 31 महंगी गाड़ियां बरामद की गई हैं।
पीतमपुरा से शुरू हुई जांच, कई राज्यों में फैला निकला नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत अगस्त 2025 में पीतमपुरा इलाके से एक महिला की कार चोरी होने के बाद हुई। पहले स्थानीय पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन बाद में केस को क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को सौंपा गया। जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ है।
चोरी से लेकर बिक्री तक पूरा सिस्टम, बेहद शातिर था गैंग का तरीका
पुलिस के अनुसार गैंग का काम करने का तरीका बेहद संगठित और पेशेवर था। पहले ये लोग चोरी की या लोन डिफॉल्ट गाड़ियां इकट्ठा करते थे। इसके बाद एक्सपर्ट मैकेनिक गाड़ियों के चेसिस नंबर बदल देते थे, ताकि उनकी असली पहचान छिपाई जा सके। फिर फर्जी कागजात तैयार कर गाड़ियों को वैध बताकर बेच दिया जाता था।
फर्जी दस्तावेजों का खेल, बैंक NOC से लेकर रजिस्ट्रेशन तक जालसाजी
गैंग द्वारा फॉर्म 21, बैंक NOC और अन्य जरूरी दस्तावेजों की नकली कॉपियां तैयार की जाती थीं। इन कागजात के आधार पर गाड़ियों का नया रजिस्ट्रेशन कराया जाता था, जिससे खरीदार को भी शक नहीं होता था।
सरकारी कर्मचारियों की भूमिका से बढ़ा मामला, नेटवर्क और गहरा निकला
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ सरकारी कर्मचारी और एजेंट भी इस सिंडिकेट का हिस्सा थे। ये लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में मदद करते थे, जिससे यह पूरा रैकेट लंबे समय तक चलता रहा।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दमनदीप सिंह उर्फ लकी चला रहा था पूरा खेल
पुलिस ने गैंग के सरगना दमनदीप सिंह उर्फ लकी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसके पास से कई तकनीकी उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल चेसिस नंबर बदलने में किया जाता था।
जांच जारी, और बड़े खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

































