

दुर्ग : नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्मृतिनगर चौकी और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने दवा कंपनी प्रतिनिधि की आड़ में चल रहे इस नेटवर्क को पकड़कर बड़ा खुलासा किया है।
कार से बरामद हुई भारी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप, 7 कार्टून जब्त
पुलिस को सूचना मिली थी कि जुनवानी खम्हरिया रोड के पास कुछ लोग प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की अवैध बिक्री कर रहे हैं। इसके बाद घेराबंदी कर सेंट्रो कार को रोका गया, जिसमें से 7 कार्टून में लगभग 800 नग नशीली सिरप बरामद की गई। साथ ही एक सेंट्रो कार, एक एक्टिवा, 4 मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई।
फर्जी ड्रग लाइसेंस से चल रहा था पूरा खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश शर्मा और उमेश कुमार यादव फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात की कंपनी से ऑनलाइन और ई-कुरियर के जरिए नशीली सिरप मंगवाते थे। इसके बाद इसे ऊंचे दामों पर अवैध रूप से बेचा जाता था।
असली लाइसेंस में एडिटिंग कर बनाया फर्जी दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, योगेश शर्मा ने असली ड्रग लाइसेंस में छेड़छाड़ कर फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनाकर इस पूरे अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।
गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
इस मामले में महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से युवाओं को नशे की ओर धकेलते हुए अवैध मुनाफा कमा रहा था।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच तेज
सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है।
दुर्ग पुलिस का सख्त संदेश, नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

































