

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जंगल के रास्ते ले जाए जा रहे एक 14 चक्का ट्रक से 46 गौवंश बरामद किए हैं। इनमें से 7 गौवंश की मौत हो चुकी थी, जबकि 39 जीवित गौवंश को सुरक्षित रेस्क्यू कर कांजी हाउस पहुंचाया गया है।
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त की रात करीब 2:20 बजे धरमजयगढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक 14 चक्का ट्रक के जरिए जंगल के रास्ते गौवंश की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े ने पुलिस टीम के साथ बरसापाली जंगल मार्ग पर घेराबंदी की।पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही ट्रक में सवार तस्कर वाहन को जंगल में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने जंगल में तिरपाल से ढके लावारिस ट्रक क्रमांक CG 14 D 0739 की तलाशी ली।तलाशी के दौरान ट्रक के अंदर क्षमता से अधिक 46 गौवंश को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया गया। पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण 7 गौवंश की मौत हो चुकी थी। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जीवित 39 गौवंश को ट्रक से बाहर निकालकर सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें कांजी हाउस धरमजयगढ़ पहुंचाकर चारा-पानी की व्यवस्था कराई।मामले में ट्रक चालक और फरार पशु तस्करों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार पतासाजी कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि गौवंश की अवैध तस्करी, पशु क्रूरता या संदिग्ध परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।











