
रायपुर: कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में गुरुवार को भारतीय युवाओं पर महात्मा गांधी के प्रेरणादायक प्रभाव” विषय पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने की। उन्होंने युवाओं के लिए गांधी दर्शन के तीन महत्वपूर्ण विचारों को प्रासंगिक बताते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, निडर और जिम्मेदार बनने की दिशा में अपनाने पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. दयाल ने कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य मन और इंद्रियों को वश में करना है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री हासिल करना शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वास्तविक शिक्षा वह है, जो युवाओं में आत्मविश्वास, निडरता और स्वावलंबन की भावना पैदा करे।उन्होंने गांधीजी के दूसरे विचार “गरीब से गरीब भी कहे, यह देश मेरा है” का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ऐसे भारत की कल्पना करते थे, जिसमें समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका महसूस हो। युवाओं को वंचित और जरूरतमंद वर्ग की आवाज बनकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
कुलपति ने तीसरे विचार के रूप में भ्रष्टाचार पर प्रहार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने गांधीजी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि धरती पर हमारी जरूरतों के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन लालच के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि युवाओं में आवश्यकता आधारित जीवनशैली और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देकर भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से मुकाबला किया जा सकता है।
गोलमेज सम्मेलन में करीब 15 विद्यार्थियों ने गांधीजी के विचारों को स्टार्ट-अप और डिजिटल युग से जोड़ते हुए चर्चा की। विद्यार्थियों ने गांधीजी की दक्षिण अफ्रीका यात्रा से लेकर भारत की स्वतंत्रता तक उनके योगदान पर भी विचार साझा किए। चर्चा में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि बैरिस्टर से महात्मा गांधी और फिर ‘बापू’ तक की उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेंद्र शर्मा, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र खंडेलवाल, जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मोहंती, सामुदायिक रेडियो ‘संवाद’ की प्रभारी डॉ. वैशाली गोलाप, अतिथि व्याख्याता डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. अनामिका शर्मा, डॉ. हितेश तिवारी, डॉ. ज्योति शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




















