

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में भाषा, गणित और आधारभूत सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 23 जून को पूरे प्रदेश में एक विशेष ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के जरिए शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था की गई है।
बच्चों के समग्र विकास पर रहेगा खास जोर
सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों का संचालन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना है। मिशन के अंतर्गत बालवाटिका से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ विकसित करने के साथ वैज्ञानिक सोच, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण की समझ और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
23 जून को सुबह 11:30 बजे होगा ऑनलाइन आयोजन
अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह ऑनलाइन गोष्ठी 23 जून को सुबह 11:30 बजे आयोजित होगी। इसमें प्रदेशभर के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी भाग लेंगे। सरकार ने सभी जिलों में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नई शिक्षा नीति और सत्र की प्राथमिकताओं पर होगी चर्चा
गोष्ठी के दौरान नए शैक्षिक सत्र की कार्ययोजना, निपुण भारत मिशन के लक्ष्य, भाषा और गणितीय दक्षता को मजबूत करने की रणनीति तथा विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम परिणामों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी साझा किए जाएंगे।
डिजिटल शिक्षण और नवाचार पर मिलेगा मार्गदर्शन
कार्यक्रम में शिक्षकों की क्षमता विकास, आधुनिक शिक्षण तकनीकों के उपयोग, डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल, छात्र केंद्रित शिक्षण पद्धति और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुख, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।





















