कटनी: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में एक हैरान करने वाली गड़बड़ी सामने आई है। कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड स्थित संकुल केंद्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान से जुड़े रिकॉर्ड में करीब 15 वर्ष पहले दिवंगत हो चुके एक शिक्षक का नाम अब भी पदस्थापना सूची में दर्ज मिला है। इस चूक ने विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था और रिकॉर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुराने रिकॉर्ड की गलती का खामियाजा वर्तमान शिक्षक को भुगतना पड़ा

ऑनलाइन पोर्टल में दिवंगत शिक्षक का नाम बने रहने के कारण वर्तमान में कार्यरत एक शिक्षक को अतिशेष शिक्षकों की सूची में शामिल कर दिया गया। यानी वास्तविक पद रिक्त होने के बावजूद रिकॉर्ड में उसे भरा हुआ दिखाया गया, जिससे मौजूदा शिक्षक की सेवा स्थिति प्रभावित हो गई।

प्राथमिक शाला मंगेली का मामला बना चर्चा का विषय

यह पूरा मामला ढीमरखेड़ा विकासखंड की प्राथमिक शाला मंगेली से जुड़ा है। यहां वर्षों पहले दिवंगत हो चुके शिक्षक का नाम विभागीय पोर्टल से हटाया ही नहीं गया। परिणामस्वरूप स्कूल में स्वीकृत पदों की संख्या और कार्यरत शिक्षकों का पूरा आंकड़ा गलत दर्ज हो गया।

शिक्षा विभाग की डिजिटल व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की ऑनलाइन डेटा एंट्री और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर रिकॉर्ड का सत्यापन और संशोधन नहीं किया जाए तो ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियां शिक्षकों के तबादले, पदस्थापना और अतिशेष निर्धारण जैसी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

रिकॉर्ड सुधारने की मांग तेज

मामला सामने आने के बाद संबंधित रिकॉर्ड को तत्काल संशोधित करने और वास्तविक स्थिति के आधार पर पदस्थापना सूची तैयार करने की मांग उठने लगी है। साथ ही पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर्मचारियों के रिकॉर्ड का सत्यापन कराने की जरूरत भी महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने न आए।

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