

रायपुर। दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश में पीएससी घोटाले और पेपर लीक मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा पीएससी घोटाले के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस जगह से प्रश्नपत्र तैयार हो रहे हैं, वहीं से पेपर बाहर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी व्यवस्था में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है।
छात्र आंदोलन पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा
पूर्व मंत्री ने पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में युवा अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। रायपुर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया है, लेकिन सरकार उनकी परेशानियों को समझने में नाकाम साबित हो रही है।
जलभराव को लेकर नगरीय व्यवस्था पर उठाए सवाल
बिलासपुर और रायपुर में बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर भी शिव डहरिया ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों की व्यवस्था पहले से काफी खराब हो गई है।उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जलभराव जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाता था, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि न्यायधानी बिलासपुर में ही गाड़ियां पानी में डूब रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना
दुर्ग में शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर शिव डहरिया ने कहा कि डीएड अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। उनके मुताबिक, हजारों स्कूल बंद होने के बावजूद शिक्षकों की समस्या बनी हुई है और प्रदेश की शिक्षा रैंकिंग लगातार नीचे जा रही है।उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। प्रदेश का हर वर्ग परेशान है और लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा में गुटबाजी का आरोप, मुख्यमंत्री को लेकर किया बड़ा दावा
भाजपा की बैठक को लेकर भी शिव डहरिया ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अंदर गुटबाजी चरम पर है और मुख्यमंत्री स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की स्थिति में नहीं हैं।उन्होंने कहा कि सरकार कई मोर्चों पर कमजोर साबित हो रही है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार की ओर से प्रभावी जवाब नहीं दिया गया।पूर्व मंत्री ने दावा किया कि अगर भाजपा में चल रही अंदरूनी खींचतान खत्म नहीं हुई तो आने वाले समय में यही गुटबाजी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।











