
लखनपुर/ प्रिंस सोनी: लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चैनपुर स्थित काजू बाड़ी के पास पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहनों से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे आठ मवेशियों को बरामद किया है। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान दो मवेशियों की मौत हो गई। इनमें एक मवेशी मृत अवस्था में मिला, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मवेशी ने उपचार के दौरान थाना परिसर में दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि शनिवार रात चैनपुर काजू बाड़ी के पास दो पिकअप वाहनों में मवेशियों को अवैध रूप से बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए लखनपुर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। इस दौरान पिकअप क्रमांक UP 25 KT 0155 और UP 25 JT 4974 को रोककर तलाशी ली गई।
दोनों वाहनों की जांच के दौरान कुल आठ मवेशी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को वाहनों में बेहद क्रूरतापूर्वक और क्षमता से अधिक भरकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज सारथी (32), पिता रामेश्वर सारथी, निवासी चैनपुर थाना लखनपुर; नितिक राणा (25), पिता रामकिशोर, निवासी बरेली उत्तर प्रदेश; जमीन उर्फ जमीर अंसारी (42), पिता फखरुद्दीन, निवासी अंबिकापुर; मोहम्मद अयूब (45), पिता मोहम्मद इदरीश और मोहम्मद जुनैद (18), पिता मोहम्मद अयूब, दोनों निवासी जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।कार्रवाई के दौरान दो मवेशियों की मौत के बाद पुलिस ने पशु चिकित्सक से शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद दोनों मवेशियों का विधिवत कफन-दफन किया गया।
पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध मवेशी परिवहन और तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
इस पूरी कार्रवाई में लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई, सहायक उप निरीक्षक मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, पीताम्बर सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, नमीष सिंह, चित्रसेन प्रधान, आशीष चौहान, सुरेश गुप्ता और कुश सोनीकी सक्रिय भूमिका रही।




















