

सूरजपुर: हत्या के एक मामले में माननीय सत्र न्यायालय सूरजपुर ने दोषसिद्ध आरोपी भुवन पैंकरा को आजीवन कारावास और 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय का यह फैसला 11 अगस्त 2026 को सुनाया गया। मामले में उत्कृष्ट विवेचना और पुख्ता साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने विवेचक तत्कालीन एएसआई एवं वर्तमान एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।
पुलिस के अनुसार घटना 15 नवंबर 2024 की दोपहर की है। मृतक खेमसाय पैकरा शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी पत्नी सुशीला पैकरा से गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। इसी दौरान उसने खाना खा रही पत्नी की थाली को लात मारकर बर्तन पटक दिए और अपने बेटे भुवन पैकरा को बुलाने के लिए कहा।इसके बाद सुशीला घर के बाहर नीम पेड़ के पास चली गई। वहां खेमसाय भी पहुंच गया और उसके साथ गाली-गलौज व विवाद करने लगा। कुछ देर बाद सुशीला घर की ओर चली गई। इसी दौरान करीब दोपहर 2 बजे आरोपी भुवन पैकरा मौके पर पहुंचा और अपने पिता से विवाद करते हुए कहा कि हमेशा विवाद करते हो। इसके बाद उसने टांगा से खेमसाय पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से खेमसाय मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई।घटना के संबंध में प्रार्थी मनराखन पैकरा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम किया गया। जांच के बाद चौकी चेन्द्रा, थाना झिलमिली में अपराध क्रमांक 129/24 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया।प्रकरण की विवेचना तत्कालीन चौकी प्रभारी चेन्द्रा एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता ने की। पुलिस ने 16 नवंबर 2024 को आरोपी भुवन पैकरा को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टांगा बरामद किया तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई विद्वान सत्र न्यायाधीश थॉमस एक्का के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक राजू दास ने पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की परिस्थितियों के आधार पर भुवन पैकरा, पिता खेमसाय पैकरा, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम रैसरी, चौकी चेन्द्रा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी पाया और आजीवन कारावास तथा 5 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने मामले में उत्कृष्ट विवेचना, आरोपी की गिरफ्तारी, हथियार की बरामदगी एवं पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए विवेचक लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य के कारण न्यायालय में अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।










