सूरजपुर: सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित ब्लाइंड मर्डर मामले का पुलिस ने 11 दिन बाद खुलासा कर दिया है। तीवरागुड़ी गांव में बोरे में बंधा मिला 45 वर्षीय व्यक्ति का शव हत्या का मामला निकला। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की हत्या उसके ही बेटे ने की थी। इस मामले में बेटे के साथ उसके मौसा और एक दोस्त ने भी शव छिपाने में मदद की, जबकि मृतक की पत्नी पर साक्ष्य छिपाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान दो दिन पहले शिव प्रसाद सिंह गोंड (45 वर्ष) निवासी चिरमी बचरापोड़ी, थाना बैकुंठपुर के रूप में हुई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।जांच में सामने आया कि शिव प्रसाद गोंड का परिवार के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था तथा अक्सर गाली-गलौज कर उन्हें प्रताड़ित करता था। पारिवारिक कलह और प्रताड़ना से परेशान होकर बेटे ने पिता की हत्या की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक 10 जून की रात चिरमी परसापारा स्थित मृतक के घर में ही उसकी हत्या कर दी गई। आरोपी बेटे ने टांगी और लोढ़ा से हमला कर पिता को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। आरोपी के मौसा और उसके एक दोस्त ने शव छिपाने में सहयोग किया। 11 जून की रात शव को बोरे में बांधकर तीवरागुड़ी गांव के पास फेंक दिया गया था ताकि पहचान न हो सके।मामले की गंभीरता को देखते हुए रामानुजनगर पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे पारिवारिक प्रताड़ना और घरेलू विवाद प्रमुख कारण रहे हैं। रामानुजनगर पुलिस की सतर्क जांच से 11 दिनों से बनी हुई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!