नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान और कुछ सांसदों-विधायकों की नाराजगी के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को अपने संगठन की नई आधिकारिक सूची सौंप दी है। इस सूची के जरिए पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि ममता बनर्जी ही अब भी पार्टी की सर्वोच्च नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग को भेजे गए दस्तावेज में 20 जून 2026 तक की संगठनात्मक स्थिति दर्ज की गई है। इसे पार्टी नेतृत्व पर उठ रहे सवालों और नियंत्रण को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच आधिकारिक रिकॉर्ड के तौर पर पेश किया गया है।

नई सूची के अनुसार, ममता बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष बनी हुई हैं। सुब्रत बख्शी को उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव तथा लोकसभा नेता की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त सचिव तथा सुभाशीष चक्रवर्ती को कोषाध्यक्ष के रूप में दर्शाया गया है।राष्ट्रीय कार्यसमिति में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य को राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य के साथ पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष और शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता की भूमिका के साथ सूचीबद्ध किया गया है।

यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब एक दिन पहले पार्टी के बागी गुट ने कोलकाता में विशेष बैठक कर समानांतर संगठन का ऐलान कर दिया था। बागी नेताओं ने वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष घोषित करते हुए मौजूदा नेतृत्व को खुली चुनौती दी।ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का दावा है कि फरवरी 2022 में बनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का कार्यकाल खत्म हो चुका है और उसी आधार पर नई व्यवस्था बनाई गई है। बागी नेताओं का कहना है कि उनकी बैठक पार्टी संविधान के अनुरूप आयोजित की गई और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी दी जाएगी।हालांकि, ममता खेमे ने इस पूरे घटनाक्रम को खारिज कर दिया है। पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा कि बागी नेताओं को न तो ऐसी बैठक बुलाने का अधिकार है और न ही संगठनात्मक बदलाव घोषित करने का। पार्टी के भीतर असंतोष और कुछ सांसदों-विधायकों के रुख के बाद टीएमसी का आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है।

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