

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े रेप और हत्या मामले में एक बार फिर जांच का दायरा बढ़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने करीब दो वर्ष पुराने इस मामले की नए सिरे से जांच कराने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि जांच के दौरान उन सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी, जिन पर अब तक सवाल बने हुए हैं।
पुराने सवालों के जवाब तलाशने की तैयारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले की पुन: जांच के निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, शुरुआती जांच और घटना के बाद हुई कार्रवाई से जुड़े कई बिंदुओं पर अब भी स्पष्टता नहीं है। इसी वजह से पूरे घटनाक्रम की फिर से जांच कर तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
सबूतों और पुलिस कार्रवाई पर रहेगा फोकस
नई जांच में कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़, शुरुआती पुलिस कार्रवाई और घटना के बाद अपनाई गई प्रक्रिया की गहराई से पड़ताल की जाएगी। सरकार का कहना है कि जिन पहलुओं पर अब तक संदेह बना हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के साथ जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखोपाध्याय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मामले की पूरी सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
क्या था आरजी कर अस्पताल का मामला
9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रेनी डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच के दौरान मामले में आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया और बाद में सियालदह सेशन कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस घटना के बाद कोलकाता सहित देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामले की जांच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।
एक बार फिर बढ़ी मामले पर नजर
दोबारा जांच शुरू होने के फैसले के बाद यह मामला फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या लंबे समय से उठ रहे सवालों के जवाब मिल पाते हैं।











