

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अपनी प्रमुख जनकल्याणकारी योजना 'लाडली बहना योजना' के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके व्यापक प्रभाव का मूल्यांकन कराने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य यह समझना है कि योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और सामाजिक भागीदारी में कितना बदलाव आया है। इसके लिए सरकार प्रदेशभर में विशेष सर्वे कराने की तैयारी कर रही है।
उच्च स्तरीय समिति को सौंपी गई जिम्मेदारी
योजना के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति को एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दायित्व दिया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर योजना की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
लाभार्थियों से सीधे जुटाई जा रही राय
सर्वे के साथ-साथ 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' के माध्यम से भी योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं से सीधा संवाद किया जा रहा है। अधिकारी लाभार्थियों से मिलकर उनके अनुभव, सुझाव और योजना से जीवन में आए बदलाव की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इसी क्रम में कई जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं से बातचीत शुरू कर दी है।
सहायता राशि में समय-समय पर हुआ इजाफा
लाडली बहना योजना की शुरुआत मार्च 2023 में प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ हुई थी। बाद में सितंबर 2023 से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है।
सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को मिल रहा लाभ
वर्तमान में इस योजना के तहत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने सीधे सहायता राशि भेजी जा रही है। सरकार अब यह भी जानना चाहती है कि इस आर्थिक सहायता का स्थानीय बाजार, घरेलू खर्च, बचत और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर कितना प्रभाव पड़ा है। सर्वे से प्राप्त निष्कर्ष भविष्य में योजना को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.











