
बलरामपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 22 अगस्त को जिला चिकित्सालय बलरामपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 253 मरीजों की ओपीडी तथा प्रतिमाह लगभग 1066 मरीजों की आईपीडी होती है। विगत माह जुलाई में कुल 97 मरीजों को रेफर किया गया, जिसमें इमरजेंसी वार्ड से 66, लेबर वार्ड से 29 तथा मेडिकल एवं अन्य विभागों से 02 मरीज शामिल हैं।रेफरल के प्रमुख कारणों की समीक्षा में इमरजेंसी वार्ड से आरटीए (Road Traffic Accident), हेड इंज्यूरी एवं ICU की आवश्यकता तथा लेबर वार्ड से ICU की आवश्यकता, रक्त की कमी, स्वयं की इच्छा से रेफरल एवं गंभीर एक्लेम्पसिया के मामले प्रमुख रूप से सामने आए। सीएमएचओ द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी रेफरल मरीजों का नियमित रूप से रिव्यू किया जाए तथा ऐसे रेफरल, जिन्हें जिला चिकित्सालय में उपचार देकर रोका जा सकता है, उनकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा में यह भी पाया गया कि एमडी मेडिसिन, रेडियोलॉजिस्ट एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रेफर करने की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु संबंधित स्तर पर तत्काल पत्राचार किए जाने के निर्देश दिए गए।
सीएमएचओ विजय कुमार सिंह ने सभी चिकित्सकों को निर्धारित ओपीडी समय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की लैब में उपलब्ध समस्त जांच सेवाओं को अतिशीघ्र प्रारंभ करने हेतु निर्देशित किया गया।

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक पाई गई। सफाई व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाए रखने के लिए सफाई सुपरवाइजर को नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक दिवस कम से कम दो बार अस्पताल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। सीएमएचओ द्वारा निर्देशित किया गया कि मरीजों एवं अस्पताल स्टाफ से समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया जाए तथा प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान माह में भर्ती मरीजों की तुलना में आयुष्मान कार्ड ब्लॉकिंग लगभग 52 प्रतिशत पाई गई, जिसे कम मानते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए वार्डों में जाकर पात्र मरीजों के आयुष्मान कार्ड की ब्लॉकिंग सुनिश्चित करने हेतु संबंधित स्टाफ को निर्देशित किया गया।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त जिला चिकित्सालय के वार्डों, लैब, फार्मेसी, इमरजेंसी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
सीएमएचओ ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




















