बिलासपुर : सिरगिट्टी क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महज 200 रुपये का मोबाइल रिचार्ज नहीं होने की शिकायत करना एक रिटायर्ड रेलकर्मी को भारी पड़ गया। खुद को कस्टमर सपोर्ट अधिकारी बताने वाले साइबर ठग ने एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का नियंत्रण हासिल किया और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से 77 हजार रुपये निकाल लिए।

रिचार्ज नहीं हुआ तो पहुंचे एयरटेल स्टोर

गणेश नगर निवासी 67 वर्षीय रबिन्द्रनाथ घोष ने 19 जुलाई को गूगल पे के माध्यम से 200 रुपये का मोबाइल रिचार्ज किया था। भुगतान सफल हो गया, लेकिन रिचार्ज नहीं हुआ। अगले दिन उन्होंने लिंक रोड स्थित एयरटेल स्टोर पहुंचकर इसकी शिकायत की। वहां उन्हें तकनीकी समस्या बताते हुए कुछ समय इंतजार करने की सलाह दी गई।

फर्जी अधिकारी बनकर किया संपर्क

शिकायत के कुछ घंटे बाद उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एयरटेल स्टोर का अधिकारी बताते हुए कहा कि रिचार्ज की राशि वापस दिलाने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर 'कस्टमर सपोर्ट' के नाम से एक एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा।

एपीके फाइल डाउनलोड करते ही हुआ बड़ा नुकसान

जैसे ही रबिन्द्रनाथ घोष ने फाइल डाउनलोड की, साइबर ठग ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उसने गूगल पे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खोलने को कहा।कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 38 हजार और 39 हजार रुपये निकाल लिए गए। कुल मिलाकर 77 हजार रुपये की ठगी हो गई।

तुरंत बैंक और पुलिस से की शिकायत

ठगी का पता चलते ही पीड़ित भारतीय स्टेट बैंक की तितली चौक शाखा पहुंचे और अपना बैंक खाता तथा डेबिट कार्ड तुरंत ब्लॉक करा दिया, ताकि आगे कोई और लेनदेन न हो सके।इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और सिरगिट्टी थाने में भी लिखित शिकायत दी।

पुलिस कर रही तकनीकी जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।

ऐसी ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानी

किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में एपीके फाइल या अन्य ऐप डाउनलोड न करें। किसी भी कंपनी का कस्टमर सपोर्ट कभी भी व्हाट्सएप के जरिए एपीके फाइल भेजकर उसे इंस्टॉल करने के लिए नहीं कहता। यदि ऐसी कोई कॉल आए तो तुरंत उसकी पुष्टि संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से करें।

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