जनकपुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही रिहायशी इलाकों, खेतों और आसपास के क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में जहां सांप को देखकर लोगों में घबराहट फैल जाती है, वहीं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अमरदीप गुप्ता बिना किसी डर के लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं।

जनकपुर और आसपास के इलाकों में अमरदीप गुप्ता को लोग सर्प मित्र के नाम से पहचानते हैं। वर्षों से वे सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों को बचा चुके हैं। इनमें कई जहरीली प्रजातियों के सांप भी शामिल हैं।

सूचना मिलते ही पहुंचते हैं मौके पर

किसी घर, खेत या रिहायशी क्षेत्र में सांप दिखाई देने की सूचना मिलने पर अमरदीप गुप्ता अपनी सुविधा के अनुसार मौके पर पहुंचते हैं। विशेष रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से वे सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार का नुकसान न हो और सांप की जान भी बचाई जा सके।

उनका प्रयास केवल सांप को पकड़ने तक सीमित नहीं रहता। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की कोशिश भी की जाती है।

एक रुपये भी नहीं लेते, मुफ्त में करते हैं रेस्क्यू

अमरदीप गुप्ता के काम की सबसे खास बात यह है कि वे लोगों से सांप पकड़ने के बदले कोई शुल्क नहीं लेते। दिन हो या रात, जरूरत पड़ने पर वे लोगों की सहायता के लिए पहुंचते हैं।

अमरदीप का मानना है कि सांप दिखाई देने पर उसे मार देना सही समाधान नहीं है। प्रकृति के संतुलन और पर्यावरण में सांपों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए उनका उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे से बचाने के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा करना भी है।

सरकारी मदद नहीं मिलने से बढ़ रही चुनौती

लंबे समय से नि:शुल्क सेवा देने के बावजूद अमरदीप गुप्ता का कहना है कि उन्हें अब तक शासन या प्रशासन की ओर से आर्थिक अथवा संसाधन संबंधी कोई विशेष सहयोग नहीं मिला है।

सांपों के रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरणों की व्यवस्था, आने-जाने का खर्च और अन्य आवश्यक संसाधन उन्हें स्वयं जुटाने पड़ते हैं। ऐसे में लगातार नि:शुल्क सेवा जारी रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सहयोग की मांग की

अमरदीप गुप्ता के कार्य की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना किसी आर्थिक लाभ के वे लगातार मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों के लिए काम कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अमरदीप गुप्ता जैसे सर्प मित्रों को जरूरी रेस्क्यू उपकरण, सुरक्षा सामग्री और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उनका मानना है कि प्रशासनिक सहयोग मिलने से ऐसे लोगों का काम अधिक प्रभावी हो सकता है और आपात स्थिति में लोगों को भी तेजी से मदद मिल सकेगी।

सांप दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें

अमरदीप गुप्ता लोगों से अपील करते हैं कि घर, खेत या किसी रिहायशी इलाके में सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे छेड़ने की कोशिश भी न करें। बिना जानकारी के सांप को पकड़ने का प्रयास खतरनाक साबित हो सकता है।

ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और प्रशिक्षित सर्प मित्र या वन विभाग को सूचना दें। सावधानी और सही समय पर विशेषज्ञ की मदद से इंसान और वन्यजीव, दोनों की जान बचाई जा सकती है।

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