

नई दिल्ली। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। फिलहाल मामला सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन है।
मेघालय सरकार ने जमानत को दी है चुनौती
राजा रघुवंशी हत्याकांड में निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल 2026 को सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के बाद मेघालय सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने 29 जून को सरकार की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि अभियोजन के अनुसार सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को इंदौर से मेघालय लेकर गई थीं, जहां कथित रूप से अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की गई और शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया।
हाई कोर्ट ने पुलिस की प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने सोनम रघुवंशी को उनकी गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया। अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना।
अदालत ने कहा था कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारण जानने और अपनी पसंद का अधिवक्ता नियुक्त करने का अधिकार है। इसी प्रक्रिया संबंधी चूक को जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण आधार माना गया।
परिवार ने जताई थी नाराजगी
सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के परिजनों ने फैसले पर निराशा व्यक्त की थी। उनका कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा, जहां मेघालय सरकार की चुनौती पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।











