
Indore News: इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में गणपति विसर्जन समारोह के दौरान छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। चल समारोह के दौरान शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विवाद में करणी सेना और ABVP से जुड़े कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पार्किंग क्षेत्र में बेल्ट और डंडों से मारपीट के बाद मामला कॉलेज की कंप्यूटर लैब तक पहुंच गया। घटना में BSc और MSc के कुछ छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
चल समारोह के दौरान शुरू हुआ विवाद
कॉलेज परिसर में गणपति विसर्जन के लिए चल समारोह निकाला जा रहा था। इसी दौरान दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और हाथापाई शुरू हो गई।पार्किंग एरिया में छात्रों के बीच बेल्ट और डंडों से मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद विवाद कॉलेज की कंप्यूटर लैब तक पहुंच गया, जहां भी छात्रों के बीच मारपीट हुई। पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
BSc और MSc के छात्रों के घायल होने की जानकारी
मारपीट की इस घटना में BSc और MSc में पढ़ने वाले कुछ छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। विवाद में शामिल छात्रों और दोनों पक्षों की भूमिका को लेकर कॉलेज स्तर पर जानकारी जुटाई गई।छात्रों की ओर से दोनों संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं पर धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।
अनुशासन समिति ने वीडियो फुटेज की जांच की
घटना सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासन समिति की बैठक बुलाई। समिति ने छात्रों की ओर से की गई शिकायतों के साथ मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज की भी जांच की।जांच के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सात विद्यार्थियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
इन 7 छात्रों को किया गया सस्पेंड
कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई के तहत हर्ष तिवारी, अभिजीत सिंह राजपूत, संस्कार यादव, हरिओम खाती, अर्पित खाती, भावन सिंह राजपूत और सत्यम शर्मा को सस्पेंड किया गया है।निलंबन की अवधि के दौरान इन छात्रों के कॉलेज परिसर में प्रवेश पर भी रोक रहेगी। कॉलेज की ओर से संबंधित विद्यार्थियों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी TC उनके घर भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
कॉलेज और पुलिस स्तर पर जांच जारी
छात्रों की ओर से लगाए गए धमकी के आरोपों के साथ मारपीट की पूरी घटना की जांच कॉलेज प्रबंधन और पुलिस स्तर पर की जा रही है। वायरल वीडियो और छात्रों की शिकायतों के आधार पर विवाद में शामिल लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।




















