

CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल के तहत शहरी विकास को नई दिशा दी जा रही है। राज्य सरकार का फोकस अब आधुनिक, सुव्यवस्थित और समावेशी शहरी ढांचे को मजबूत करने पर है। इसी रणनीति के तहत विधानसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया गया है, जिसने हाउसिंग सेक्टर की भूमिका को पूरी तरह नया आयाम दे दिया है।
हाउसिंग बोर्ड का नया नाम, नई जिम्मेदारी और बड़ा विजन
राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का नाम बदलकर अब “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” कर दिया है। यह बदलाव सिर्फ नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कार्यक्षमता और जिम्मेदारियों का दायरा भी अब काफी व्यापक हो गया है।
अब यह संस्था केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के बड़े अधोसंरचना विकास कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में आवास सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार तेजी से संभव होगा।
शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार: मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा बयान
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस बदलाव को ऐतिहासिक कदम बताया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड को एक नए स्वरूप में विकसित किया गया है, जिससे यह संस्था अब व्यापक स्तर पर विकास परियोजनाओं को भी क्रियान्वित कर सकेगी।
इस पहल से न सिर्फ आवासीय परियोजनाएं मजबूत होंगी, बल्कि सड़क, बुनियादी ढांचा और शहरी सुविधाओं का नेटवर्क भी तेजी से विकसित होगा।
विधेयक से लेकर राजपत्र तक: फैसले को मिली आधिकारिक मुहर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने जानकारी दी कि यह विधेयक 17 मार्च 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद 21 अप्रैल को राज्यपाल की स्वीकृति मिली और 24 अप्रैल 2026 को इसे छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद अब हाउसिंग बोर्ड आधिकारिक रूप से नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ कार्य कर रहा है।
नए लोगो डिजाइन की शुरुआत: जनता की भागीदारी से बनेगा पहचान का प्रतीक
इस बदलाव को और अधिक जनसहभागिता से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंडल के नए स्वरूप के लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की गई है।
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने निर्देश दिए हैं कि रीब्रांडिंग के लिए सभी कार्यालयों में पर्याप्त बजट जारी किया जाए और लोगो डिजाइन प्रक्रिया को व्यापक रूप दिया जाए ताकि आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कौन कर सकता है भागीदारी: हर प्रतिभा के लिए खुला मंच
इस लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। इसमें कलाकार, संस्थाएं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, छात्र और यहां तक कि अप्रवासी भारतीय भी शामिल हो सकते हैं।
प्रतिभागियों को नए नाम और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिजाइन कर भेजना होगा।
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी
इच्छुक प्रतिभागियों को अपना लोगो डिजाइन कॉन्सेप्ट नोट और जरूरी जानकारी के साथ ईमेल ceocghb@yahoo.com पर भेजना होगा।
आवेदन के साथ नाम, पता और आधार कार्ड नंबर देना अनिवार्य है। प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 20 मई 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है।
2.5 लाख रुपये का इनाम: जीतने वालों के लिए बड़ा अवसर
इस प्रतियोगिता में चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो को 2.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतिभागियों को अपनी डिजाइन CDR, PDF, PNG और JPEG फॉर्मेट में भेजनी होगी। केवल ईमेल के माध्यम से प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ में विकास और नवाचार की नई पहचान
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राज्य में शहरी विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी मजबूत करता है। हाउसिंग बोर्ड का यह नया स्वरूप आने वाले समय में आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर आवास व्यवस्था की मजबूत नींव साबित हो सकता है।





















