नेपाल : आई विनाशकारी बाढ़ ने देश और दुनिया को झकझोर दिया है। नेपाल-तिब्बत सीमा से सामने आ रहीं तबाही की तस्वीरों और वीडियो में पानी का ऐसा भयावह रूप दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल भारी हो जाए। इन दृश्यों ने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी भावुक कर दिया।रक्षाबंधन के अवसर पर अपने ब्लॉग में राखियों की तस्वीर साझा करने के बाद अमिताभ बच्चन ने नेपाल की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वहां से सामने आ रहे तबाही के दृश्य बेहद पीड़ादायक हैं।

राखी की तस्वीर के बाद नेपाल की तबाही पर बोले बिग बी

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में पहले रक्षाबंधन और भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी भावनाएं साझा कीं। इसके बाद उन्होंने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर चिंता जताई।बिग बी ने लिखा कि नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के दृश्य देखना बेहद असहनीय है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के सामने इंसान की सीमाओं का जिक्र करते हुए प्रार्थना को ही सबसे बड़ी उम्मीद बताया।उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए स्नेह और संवेदना भी व्यक्त की।

भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। पहाड़ी इलाकों में पानी के तेज बहाव ने कई स्थानों पर जनजीवन को प्रभावित किया।इस आपदा में नेपाल में 734 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, 3,000 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है।

287 भारतीयों के लापता होने की जानकारी

बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 287 भारतीयों का अब तक पता नहीं चल सका है।इनमें कई ऐसे लोग भी बताए जा रहे हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे। परिजनों को अपने लोगों की सुरक्षित वापसी का इंतजार है।

प्राकृतिक आपदा के सामने बेबस नजर आया इंसान

नेपाल से सामने आए वीडियो में पहाड़ों के बीच तेज बहाव और बाढ़ की भयावहता दिखाई दे रही है। कई इलाकों में अचानक बढ़े पानी ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।इसी तबाही को देखकर अमिताभ बच्चन ने भी अपनी चिंता जाहिर की। उनका संदेश इस बात की ओर इशारा करता है कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसानी क्षमता सीमित हो जाती है और मुश्किल समय में प्रभावित लोगों के लिए संवेदना, मदद और प्रार्थना ही सबसे बड़ी उम्मीद बनती है।

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