
नागौर: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। नावां क्षेत्र के मिठड़ी बाइपास पर सुबह करीब 5 बजे मुरड़ से लदे डंपर और कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य पति-पत्नी और उनकी बेटी शामिल हैं। हादसे में कार चालक की भी जान चली गई। मृतकों की पहचान लक्ष्मण सिंह (46), उनकी पत्नी तुलसी (45), बेटी शीतल (22) और कार चालक रामा किशन (35) के रूप में हुई है।
क्षतिग्रस्त कार में फंसे थे शव
हादसे की सूचना मिलते ही नावां पुलिस मौके पर पहुंची। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण मृतकों के शव अंदर फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी शवों को नावां उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।हादसे के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और डंपर को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
जयपुर से मिठड़ी की ओर जा रहे थे
पुलिस के अनुसार कार सवार जयपुर की ओर से आए थे और नावां होते हुए मिठड़ी की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान मिठड़ी बाइपास पर सामने से आ रहे मुरड़ से भरे डंपर से कार की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।मृतक परिवार डीडवाना-कुचामन जिले के मिठड़ी के पास पालड़ी गांव में किराए के मकान में रह रहा था।
स्वास्थ्य विभाग में एएनएम थी तुलसी
हादसे में जान गंवाने वाली तुलसी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं। वह कासेड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं दे रही थीं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पालड़ी और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी और शव उन्हें सौंपे जाएंगे।नावां थानाधिकारी सुरेश चौधरी के अनुसार हादसे के बाद मुरड़ से भरे डंपर को जब्त कर थाने भिजवा दिया गया है। दुर्घटनाग्रस्त कार को भी सड़क से हटाया गया है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।क्षेत्र में रात के समय मुरड़ और बजरी से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




















