

मध्य प्रदेश : निगम और मंडल स्तर पर लंबे इंतजार के बाद नई नियुक्तियां की गई हैं। कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ आयोग में रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसी तरह रामलाल रौतेल को अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे को सदस्य बनाया गया है।
महिला और बाल आयोग में भी नई जिम्मेदारी
राज्य महिला आयोग की कमान रेखा यादव को सौंपी गई है। वहीं बाल आयोग का अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा को नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को राज्य में सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छह महीने से चल रहा था इंतजार
इन नियुक्तियों को लेकर पिछले लगभग छह महीनों से प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि कई दौर की बैठकों के बाद नामों पर सहमति बनी। हाल ही में राष्ट्रीय संगठन स्तर पर भी विस्तृत चर्चा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।
संगठनात्मक रणनीति के तहत तैयार हुई सूची
सूत्रों के अनुसार, नामों को अंतिम रूप देने से पहले राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री के नेतृत्व में लंबी बैठक हुई थी। इसके बाद सूची को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया और स्वीकृति मिलने के बाद घोषणा की गई।
अनुभव को प्राथमिकता, राजनीतिक संतुलन पर फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार नियुक्तियों में अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। अधिकांश नियुक्त व्यक्ति पूर्व में विधायक या मंत्री रह चुके हैं।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
इन नियुक्तियों में सामाजिक और जातीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। कैलाश जाटव अनुसूचित जाति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं, वहीं रेखा यादव यादव समाज में प्रभाव रखती हैं।
सरकार की रणनीति: अनुभवी नेतृत्व को मौका
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार ने इस बार योजनाबद्ध तरीके से नियुक्तियां की हैं ताकि आयोगों में स्थिरता और प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।

































