छत्तीसगढ़ : सूदखोरी और अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपी रहे वीरेंद्र सिंह तोमर ने जेल से रिहा होने के बाद पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान उसने पूरे मामले को साजिश करार दिया।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लाइव बातचीत में तोमर ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई और उसे झूठे मामलों में फंसाया गया।

राजनीतिक दल पर नाराजगी जताई
वीरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। उसने दावा किया कि सत्ता तक पहुंचाने में उसका योगदान रहा, लेकिन बदले में उसके साथ अन्याय हुआ और उसे अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा।

साजिश के तहत फंसाने का आरोप
तोमर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके घर में खुद ही दस्तावेज और अवैध हथियार रखकर उसे फंसाया। उसने यह भी कहा कि उसकी बढ़ती सामाजिक लोकप्रियता कुछ लोगों को पसंद नहीं आई।

जेल में जान को खतरे का दावा
लाइव के दौरान तोमर ने यह भी दावा किया कि जेल में भी उसकी जान को खतरा था और यदि सच्चाई सामने नहीं आती तो उसकी हत्या भी हो सकती थी।

उच्च स्तरीय जांच की मांग
तोमर ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उसने कहा कि जिन अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

वायरल वीडियो से बढ़ा सियासी तनाव
लाइव वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात
तोमर ने कहा कि हाल ही में वह एक हत्या के मामले में अदालत से बरी हो चुका है और अब अन्य मामलों में भी वह न्याय के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगा।

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