

भोपाल : बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान कटारा हिल्स स्थित उनके आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेडिंग भी लगाई गई।
चार घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी, मेडिकल जांच के लिए भेजा गया
सीबीआई टीम ने गिरफ्तारी से पहले गिरिबाला सिंह से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल परीक्षण एम्स में कराया जाएगा और फिर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद जांच में आई तेजी
इस पूरे मामले में तब बड़ा मोड़ आया जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया। इसके बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई और सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी।
भोपाल में इन्वेस्टिगेशन कैंप की तैयारी, सबूतों की सुरक्षा पर फोकस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई अब भोपाल में एक विशेष इन्वेस्टिगेशन कैंप स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर उपयुक्त स्थान की मांग की गई है। यह दफ्तर विशेष रूप से सबूतों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया जाएगा।
महाधिवक्ता का दावा, शरीर पर मिले घावों से उठे सवाल
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के अनुसार हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर पर पाए गए सात घावों का विशेष उल्लेख किया है। इन घावों के आधार पर यह सवाल खड़ा हुआ है कि आत्महत्या की स्थिति में इस तरह के निशान कैसे संभव हो सकते हैं। इसी आधार पर मामले में गंभीरता और बढ़ गई है।
अदालत के फैसले से बदली जांच की दिशा
महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि निचली अदालत द्वारा अग्रिम जमानत देने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। एफआईआर से पहले ही आवेदन दाखिल कर दिया गया था और जांच पूरी तरह से आगे बढ़ने से पहले ही राहत दे दी गई थी। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूरी जांच प्रक्रिया नए मोड़ पर पहुंच गई है।





















