
अंबिकापुर: राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर के भूगोल विभाग में सत्र 2026-27 के लिए भूगोल परिषद का गठन किया गया। विभागीय शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारु संचालन तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व एवं संगठनात्मक कौशल के विकास के उद्देश्य से विद्यार्थियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए।
भूगोल परिषद में अध्यक्ष के रूप में सरजू, उपाध्यक्ष रमिता, सचिव काजल सोनी, सह-सचिव उमा मिंज, कोषाध्यक्ष पूनम तथा मीडिया प्रभारी के रूप में संस्कार का चयन किया गया। परिषद के अन्य सदस्यों के रूप में दुर्गा, मेला कुमारी, प्रदीप, जयंती, प्रभात, प्रिया सिंह, प्रभात एवं एकता को दायित्व सौंपे गए। परिषद के सभी सदस्य विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन एवं संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनिल कुमार सिन्हा ने नवनिर्वाचित परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिषद विद्यार्थियों को नेतृत्व एवं जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ विभागीय गतिविधियों को सफल बनाने का आह्वान किया।
प्राध्यापक दीपिका स्वर्णकार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। तथा परिषद के कार्यों से अवगत कराया।
अतिथि व्याख्याता ओमकार कुशवाहा ने परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल के विकास में सहायक होंगी। उन्होंने कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए अनुशासन एवं आपसी समन्वय को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में एम.ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर तथा एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस दौरान भूगोल विभाग की वार्षिक पत्रिका '‘वसुंधरा’'के प्रकाशन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। पत्रिका के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं अकादमिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा विभागीय गतिविधियों को संकलित करने पर विचार-विमर्श किया गया।भूगोल परिषद का गठन विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ नेतृत्व, प्रबंधन, टीमवर्क, संवाद एवं उत्तरदायित्व निर्वहन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




















