नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह दिन हमें लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ”संविधान हत्या दिवस हमें उस काले दौर की याद दिलाता है, जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह से कुचला गया था। यह हमें लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने को प्रेरित करता है। आपातकाल का विरोध करने वाली सभी विभूतियों को सादर नमन।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ शेयर करते हुए लिखा, “स्वातन्त्र्यात् सुखमाप्नोति स्वातन्त्र्याल्लभते परम्। स्वातन्त्र्यान्निर्वृत्तिं गच्छेत् स्वातन्त्र्यात् परमं पदम्।”

इस सुभाषित का अर्थ है कि स्वतंत्रता से ही सुख की प्राप्ति होती है, स्वतंत्रता से ही मनुष्य सर्वोच्च लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। स्वतंत्रता ही संतोष, आत्मिक शांति और जीवन के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करती है।

संविधान हत्या दिवस हर साल 25 जून को मनाया जाता है। सरकार ने 1975 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल के विरोध में इसे मनाने की शुरुआत की थी।

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