रायगढ़:  जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में एक महिला की हत्या कर शव को आग के हवाले करने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतका के साथ रह रहे उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेम संबंधों को लेकर उपजे शक और आपसी विवाद के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, 17 जून को मायाराम सालिकराम क्रेशर के समीप तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधजला शव बरामद हुआ था। घटनास्थल पर शव को घसीटे जाने के निशान भी मिले थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने मृतका की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के साथ स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में साझा किए। इसके बाद जशपुर जिले के दो युवक पूंजीपथरा थाने पहुंचे और कपड़ों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60), निवासी ग्राम बोरो, जिला जशपुर के रूप में की।

पुलिस को पता चला कि मृतका के साथ रह रहा इमिलीयूस तिग्गा (45) भी घटना के बाद से लापता था। संदेह के आधार पर पुलिस ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए पूंजीपथरा थाना लाया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एक औद्योगिक इकाई में मजदूरी कर रहा था। करीब तीन माह पहले उसकी मुलाकात मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए और वे लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।पुलिस के अनुसार, मृतका को आरोपी पर किसी अन्य महिला से संबंध होने का संदेह था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जून को दोनों साथ निकले और रास्ते में महुआ के पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई।आरोपी ने गुस्से में आकर साड़ी से मंगरिता एक्का का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल लाकर शव को दूसरी जगह ले जाकर आग लगा दी, ताकि पहचान छिपाई जा सके।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इस संबंध में रायगढ़ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया की मदद से तेज़ी से की जा रही है तथा अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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