

रायगढ़:रायगढ़ जिले की घरघोड़ा पुलिस ने रेलवे ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) और तांबा तार चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी से रेलवे तांबा तार चोरी के तीन और मोटरसाइकिल की डिक्की से नकदी चोरी के एक मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 178 मीटर रेलवे तांबा तार और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार मुखबिरों से जानकारी जुटा रही थी।पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को ग्राम कारीछापर के पास रेलवे लाइन से ओएचई और तांबा तार चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद 7 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक घरघोड़ा से 40 हजार रुपये निकालकर मोटरसाइकिल की डिक्की में रखी नकदी चोरी होने का मामला सामने आया। वहीं, 8 मई की रात रेलवे साइडिंग से करीब 85 हजार रुपये मूल्य के तांबा तार और 17 जून को छाल-घरघोड़ा रेलवे लाइन से तांबा तार एवं अन्य सामग्री चोरी की घटनाएं भी दर्ज हुई थीं।
लगातार हो रही चोरियों के बाद पुलिस ने जांच तेज की और मुखबिर की सूचना पर ढोरम बायपास में घेराबंदी कर मनोज धनवार (28), शशिभूषण दास बैरागी (28), अजय धनवार (19) और लखन राठिया (20) को हिरासत में लिया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने रेलवे तांबा तार चोरी और उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर मुस्कुरा जंगल से 178 मीटर तांबा तार बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत 1 लाख 38 हजार 840 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उठाईगिरी की घटना से संबंधित 3 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी किए गए तांबा तार और अन्य सामान को घूम-घूमकर खरीदने वाले कबाड़ियों को बेच देते थे। चोरी और उठाईगिरी से मिली रकम को आपस में बांटकर शराब और अन्य खर्चों में खर्च कर देते थे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रेलवे संपत्ति की चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मामले के खुलासे में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, सहायक उपनिरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















