
पटना। बिहार में नवरात्रि और दुर्गा पूजा के बीच भाजपा और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता नीरज कुमार शर्मा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस तस्वीर में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को दस सिर वाले रावण के रूप में दिखाया गया है। चित्र में माता दुर्गा के पैरों के नीचे भी तेजस्वी की आकृति दिखाई गई है। भाजपा नेता ने इस तस्वीर के जरिए तेजस्वी और आरजेडी पर रोजगार, परिवारवाद, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था से जुड़े आरोप लगाए। इसके जवाब में आरजेडी ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए तेजस्वी यादव के कार्यकाल में रोजगार के क्षेत्र में किए गए कामों का हवाला दिया है।
एक्स पर तस्वीर साझा कर तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
भाजपा नेता नीरज कुमार शर्मा ने 17 अक्टूबर 2026 को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर यह तस्वीर पोस्ट की। इसमें तेजस्वी यादव के दस सिर दिखाकर उनकी तुलना पौराणिक पात्र रावण से की गई है। तस्वीर में माता दुर्गा को भी दर्शाया गया है और तेजस्वी की आकृति देवी के पैरों के नीचे दिखाई देती है।
इस पोस्ट के जरिए भाजपा नेता ने आरजेडी की राजनीति और तेजस्वी यादव की भूमिका पर सवाल उठाए। रोजगार, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और बिहार की कानून व्यवस्था जैसे विषयों को उठाते हुए उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधा। नवरात्रि के दौरान धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से जुड़ी इस पोस्ट ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
भाजपा नेता ने लगाए झूठे वादों और परिवारवाद के आरोप
नीरज कुमार शर्मा ने अपनी पोस्ट में तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए लिखा, "दस सिर — दस झूठ।" उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी युवाओं को रोजगार देने के नाम पर वादे करते हैं, जबकि आरजेडी के शासनकाल में अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
भाजपा नेता ने विपक्ष पर परिवारवाद को बढ़ावा देने और बिहार में कथित तौर पर जंगलराज की वापसी की आशंका से जुड़े आरोप भी लगाए। पोस्ट में नौकरी के बदले जमीन मामले का उल्लेख करते हुए गरीबों की जमीन वापस करने की मांग भी की गई।
हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता की राजनीतिक टिप्पणी का हिस्सा हैं। इन्हें न्यायालय द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने रोजगार के आंकड़ों से दिया जवाब
भाजपा नेता की पोस्ट पर आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने प्रतिक्रिया दी और आरोपों को खारिज किया। उन्होंने तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके 17 महीने के कार्यकाल में बिहार में साढ़े पांच लाख नौकरियां दी गईं।
एजाज अहमद ने यह भी दावा किया कि उस दौरान साढ़े तीन लाख रिक्त पद छोड़े गए थे और दो लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली हुई थी। उनके मुताबिक, तेजस्वी यादव ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और राज्य के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया।
यहां ध्यान देना जरूरी है कि रोजगार और नियुक्तियों से संबंधित ये आंकड़े आरजेडी प्रवक्ता के दावे हैं। उपलब्ध जानकारी में इनका स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया गया है।
भाजपा को अपने कामकाज की समीक्षा करने की दी सलाह
एजाज अहमद ने पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं को अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और राजनीतिक आचरण पर भी ध्यान देने की नसीहत दी। आरजेडी ने रोजगार और विकास से जुड़े अपने दावों को सामने रखकर भाजपा के आरोपों का जवाब देने की कोशिश की।
दोनों दलों के बीच इस विवाद में एक ओर भाजपा नेता ने तेजस्वी यादव और आरजेडी के राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर आरजेडी ने रोजगार और नियुक्तियों के आंकड़ों का हवाला देकर अपना पक्ष रखा। इस तरह रोजगार, कानून व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दे फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।
नवरात्रि के दौरान धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर चर्चा
दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय माता दुर्गा और रावण जैसे धार्मिक एवं पौराणिक पात्रों से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल इस विवाद का अहम पहलू बन गया है। धार्मिक परंपराओं में माता दुर्गा को शक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है, जबकि रावण का प्रसंग दशहरा और विजयादशमी से जुड़ा है।
भाजपा नेता ने इन प्रतीकों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधी पर टिप्पणी करने के लिए किया। ऐसे चित्रों और संदेशों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। इस मामले में भी तस्वीर और उसके साथ लिखे संदेश ने सोशल मीडिया पर चर्चा को बढ़ाया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सियासी बयानबाजी
राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए एक्स जैसे डिजिटल मंच अपनी बात रखने और विरोधियों पर सवाल उठाने का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। नीरज कुमार शर्मा की पोस्ट के बाद बिहार में भाजपा और आरजेडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
भाजपा नेता ने तेजस्वी यादव पर रोजगार, भ्रष्टाचार और परिवारवाद से जुड़े आरोप लगाए, जबकि आरजेडी ने अपने कार्यकाल में रोजगार और शिक्षक नियुक्तियों को लेकर किए गए दावों के जरिए जवाब दिया। फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र भाजपा नेता की तस्वीर और उस पर आरजेडी की प्रतिक्रिया है।
बिहार में भाजपा और आरजेडी के बीच फिर बढ़ी तकरार
बिहार की राजनीति में भाजपा और आरजेडी के बीच रोजगार, विकास, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। ताजा विवाद ने इन राजनीतिक मतभेदों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
जहां भाजपा नेता की पोस्ट में तेजस्वी यादव की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं आरजेडी ने रोजगार और नियुक्तियों के अपने दावों को सामने रखा है। अब देखना होगा कि दोनों दल इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह विवाद सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या राजनीतिक मंचों पर भी आगे बढ़ता है।




















