
दिल्ली में सड़कों की बदहाली, खराब फुटपाथ, बंद स्ट्रीट लाइटों और नालों की सफाई से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। 'गवर्नमेंट ऑन व्हील्स' पहल के तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार को मध्य और पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रोहतक रोड की री-कार्पेटिंग, रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे नई लाइटें लगाने और जखीरा क्षेत्र में नालों की सफाई समेत कई कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
छह विभागों के अधिकारियों के साथ सड़कों पर उतरे मंत्री
निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ छह विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इनमें लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), जिला प्रशासन और नगर निगम (MCD) के प्रतिनिधि शामिल थे।
निरीक्षण की शुरुआत पंचकुइयां रोड से हुई। इसके बाद टीम ने रानी झांसी रोड, ईदगाह रोड, रानी झांसी फ्लाईओवर, रोहतक रोड, नई रोहतक रोड, जखीरा, करमपुरा फ्लाईओवर, पटेल रोड और शादीपुर का जायजा लिया। दौरे का समापन शंकर रोड पर हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों ने भी अपनी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं।
रोहतक रोड की दोबारा होगी री-कार्पेटिंग
निरीक्षण में सामने आया कि दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) और BSES के कार्यों के कारण रोहतक रोड की सतह क्षतिग्रस्त हुई है। इस सड़क पर नई परत बिछाने का काम संबंधित एजेंसियों के लंबित कार्य पूरे होने के बाद किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली जल बोर्ड, BSES और DTL अपने-अपने अधूरे काम जल्द पूरे करें। सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि एक ही सड़क को बार-बार खोदने की नौबत न आए और लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
रानी झांसी रोड और ईदगाह रोड की मरम्मत के लिए 15 दिन की समयसीमा
रानी झांसी रोड और ईदगाह रोड पर क्षतिग्रस्त सड़कों तथा टूटे फुटपाथों की मरम्मत के लिए PWD को 15 दिनों के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे रोशनी और सफाई की व्यवस्था सुधारने के लिए PWD तथा MCD को एक सप्ताह की समयसीमा दी गई है। दोनों विभागों को नई लाइटें लगाने, सफाई अभियान चलाने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जखीरा में नालों की सफाई, जलभराव दूर करने पर जोर
नई रोहतक रोड और जखीरा इलाके में नालों की सफाई को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। PWD को नालों से गाद निकालने और बंद पड़े आउटलेट्स खोलने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य पानी की निकासी बेहतर करना और जलभराव की समस्या को कम करना है।
इसके अलावा करमपुरा फ्लाईओवर, पटेल रोड और शादीपुर के आसपास मेट्रो संरचनाओं के निकट सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को सड़क के निशान और साइनबोर्ड दुरुस्त करने के साथ निर्माण कार्य के बाद बचा मलबा हटाने को भी कहा गया।
शंकर रोड पर पड़ा मलबा हटाने के निर्देश
शंकर रोड के किनारे जमा निर्माण मलबे और सफाई से जुड़ी समस्याओं पर भी मंत्री ने ध्यान दिया। MCD को सड़क के आसपास पड़ा मलबा हटाने और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर बनाने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुनकर संबंधित विभागों को मौके पर ही समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसका उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तेजी से निपटारा करना है।
मंत्री बोले- काम की प्रगति देखने दोबारा पहुंचेंगे अधिकारी
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोगों को विकास के वादों से ज्यादा बेहतर नागरिक सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने गड्ढों से मुक्त सड़कें, ओवरफ्लो से बचने वाली नालियां और सुरक्षित फुटपाथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मंत्री के अनुसार, छह विभागों के अधिकारियों ने एक साथ मौके पर समस्याओं का जायजा लिया और उनके समाधान की समयसीमा तय की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दोबारा उन्हीं स्थानों पर जाकर किए गए कार्यों की समीक्षा करें और उन्हें पूरा होने का प्रमाण प्रस्तुत करें।
इस निरीक्षण के जरिए सरकार ने सड़क मरम्मत, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर विभागीय जवाबदेही तय करने का प्रयास किया है। अब इन निर्देशों के तहत निर्धारित समय में कितना काम पूरा होता है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।




















