नारायणपुर: जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीम को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी और निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। सुदूर और संवेदनशील वन क्षेत्रों में की गई सघन सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संयुक्त कार्रवाई में 1.01 करोड़ से अधिक नकदी के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की नक्सली वस्तुएं बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में कुल 270 हथियारों की रिकवरी  हो चुकी है, जो क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मजबूत होने का संकेत है।संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने विभिन्न प्रकार के हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें AK-47, SLR, इंसास, .303 और .315 रायफलें, 12 बोर बंदूकें, देशी कट्टे तथा इनसे संबंधित सैकड़ों जिंदा कारतूस और मैग्जीन शामिल हैं। इसके अलावा 132 बीजीएल सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, वायरलेस सेट, वॉकी-टॉकी, रेडियो सेल, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए।सुरक्षा बलों ने विस्फोटक सामग्री जैसे व्हाइट पाउडर, सोरा, बिजली वायर और अन्य आईईडी निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री** भी जब्त की है। इसके साथ ही नक्सली वर्दी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सपोर्ट, हथियार आपूर्ति और आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर झटका लगा है। यह अभियान नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि इस सफलता में ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र की अहम भूमिका रही है। कई स्थानों पर नक्सलियों द्वारा छिपाए गए डम्प की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।

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