

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने बिल्डर और वित्तीय संस्थानों के बीच कथित मिलीभगत के मामले में देशभर में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने एक साथ 8 राज्यों में 77 स्थानों पर छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। इस कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है।
दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु समेत कई शहरों में दबिश
CBI ने यह कार्रवाई 14 अप्रैल को दिल्ली, चेन्नई, पुडुचेरी, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों में की। छापेमारी के दौरान कई जगहों से आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अहम रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। सभी जब्त सामग्री की गहन जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई जांच
यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के 29 अप्रैल 2025 के निर्देश से जुड़ा हुआ है, जिसमें एजेंसी को NCR क्षेत्र में बिल्डर कंपनियों, विशेषकर सुपरटेक लिमिटेड समेत अन्य के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे। आरोप है कि ‘सबवेंशन स्कीम’ के जरिए घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की गई और वित्तीय गड़बड़ियां की गईं।
रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े घोटाले का शक, जांच के घेरे में कई बिल्डर
CBI का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में कथित धन के गबन, वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े बड़े षड्यंत्र के सबूत जुटाना है। जांच एजेंसी पहले भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 28 मामले दर्ज कर चुकी है, जो अब अंतिम चरण में हैं।
50 मामलों तक पहुंची जांच, CBI का सख्त रुख जारी
अब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कुल 50 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। CBI ने साफ किया है कि वह निष्पक्ष, तटस्थ और तेज जांच के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और प्रभावित घर खरीदारों को न्याय मिल सके।

































