

पश्चिम बंगाल : विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सभी दल जोरदार प्रचार में जुटे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमदम में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया और विपक्ष पर तीखे हमले किए।
पीएम मोदी का दावा, जनता में दिख रहा भारी समर्थन
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ है, जो लोकतंत्र के इतिहास में एक नया संकेत है। उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल के लोगों का रुझान भाजपा के पक्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और हर वर्ग परिवर्तन की ओर देख रहा है।पीएम मोदी के अनुसार छोटे व्यापारियों से लेकर टैक्सी और रिक्शा चालकों तक, हर कोई भयमुक्त वातावरण में बदलाव के लिए भाजपा के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
टीएमसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर 15 वर्षों से भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में भर्ती घोटाला, चिटफंड घोटाला, कोयला और बालू खनन घोटाला, राशन लूट और कमीशनखोरी जैसी घटनाएं लगातार सामने आई हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि जनता अब इन कथित घोटालों और अव्यवस्थाओं से तंग आ चुकी है और बदलाव चाहती है।
महिला आरक्षण को लेकर भी टीएमसी पर निशाना
पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी टीएमसी को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को हर योजना में आगे लाना चाहती है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।उन्होंने दावा किया कि हाल ही में संसद में महिला आरक्षण के मुद्दे पर टीएमसी और उसके सहयोगियों ने इसका विरोध किया, जो नारी शक्ति के खिलाफ एक रुख को दर्शाता है।
जादवपुर में विकास और सिंडिकेट पर हमला
प्रधानमंत्री ने जादवपुर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां विकास कार्यों को कथित सिंडिकेट ने रोक रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री की सप्लाई से लेकर जमीनों पर कब्जे तक में अवैध गतिविधियां चल रही हैं।पीएम मोदी के अनुसार स्थानीय लोगों को निर्माण कार्य के लिए कथित रूप से ‘प्रोटेक्शन मनी’ तक देनी पड़ती है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर भी जताई चिंता
उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि एक समय यह संस्थान अपनी शैक्षणिक पहचान और राष्ट्रवादी मूल्यों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वहां तनाव और राजनीतिक गतिविधियां पढ़ाई पर असर डाल रही हैं।
अब नजरें मतदान पर, सियासी तापमान और बढ़ा
दूसरे चरण के मतदान से पहले पीएम मोदी के इस आक्रामक प्रचार ने बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें 29 अप्रैल के मतदान पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि राज्य की सियासी दिशा किस ओर जाएगी।

































