सूरजपुर: प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के कई गांवों से यह शिकायत सामने आई है कि कुछ शिक्षक कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें होने के बावजूद दोषी शिक्षकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बात करती है, तो सबसे पहले स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि कोई शिक्षक ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि विधायक शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोगों का कहना है कि केवल शिक्षा सुधार के दावे पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि धरातल पर भी सख्त कदम दिखाई देने चाहिए।

अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। यदि शिकायतें जांच में सही साबित होती हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से भी स्कूलों का नियमित निरीक्षण कराने तथा ड्यूटी के दौरान नशे या लापरवाही की शिकायत मिलने पर तत्काल कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन, शिक्षा विभाग और क्षेत्रीय विधायक इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और शिकायतों की जांच कब तक पूरी होती है।

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