

बलरामपुर/रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कनहर पुल के नीचे हो रहे अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। एसडीएम आनंद नेताम के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी कर अवैध उत्खनन में लगे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया।
एसडीएम आनंद नेताम ने बताया कि कनहर नदी में स्थित पुल के नीचे लंबे समय से अवैध रूप से रेत निकाले जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां दो ट्रैक्टर अवैध बालू उत्खनन करते पाए गए। दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
श्री नेताम ने कहा कि पुल के नीचे या उसके आसपास किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कनहर पुल दोनों राज्यों के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि लगातार बालू निकासी से पुल की नींव कमजोर पड़ने का खतरा रहता है। साथ ही नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित होने से पुल की संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में गंभीर दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई के दौरान टीम ने नदी क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर अवैध खनन में शामिल अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई है। प्रशासन द्वारा जब्त वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से पुल के नीचे अवैध उत्खनन जारी था, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों ने नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में पूर्व में अवैध रेत उत्खनन के कारण पचावल पुल को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में कनहर पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।





















