
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के आसडांड घंघरी गांव में मधुमक्खियों के हमले की दर्दनाक घटना सामने आई है। 30 वर्षीय बिफइया गोंड खेत में उड़द की फसल उखाड़ रही थी, तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। वह मदद के लिए चीखती रही, लेकिन उस समय खेत में कोई मौजूद नहीं था।इसी बीच उसका बेटा कार्तिक साइकिल से खेत की तरफ पहुंचा। मां ने बेटे को देखते ही उसे अपने पास आने से रोक दिया और वापस जाने के लिए कहा। कार्तिक मां की बात मानकर घर लौट गया और पिता को पूरी घटना बताई। इस तरह खुद गंभीर खतरे में होने के बावजूद मां ने आखिरी वक्त तक बेटे को बचाने की कोशिश की।
खेत में अकेली थी महिला, अचानक टूट पड़ा मधुमक्खियों का झुंड
घटना 26 सितंबर की शाम करीब 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। बिफइया गोंड अपने पति जयप्रसाद गोंड के साथ गांव में नाले के पास स्थित खेत में गई थी। वह वहां अकेले उड़द की फसल उखाड़ रही थी।इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड वहां पहुंचा और महिला पर हमला कर दिया। मधुमक्खियां उसके शरीर से चिपककर डंक मारने लगीं। बिफइया दर्द से चीखती रही और मदद के लिए आवाज लगाती रही, लेकिन आसपास कोई नहीं था।
बेटे को देखते ही मां ने कहा, पास मत आना
काफी देर तक मां के घर नहीं लौटने पर बेटा कार्तिक साइकिल लेकर खेत की ओर निकल पड़ा। खेत के पास पहुंचने पर उसने अपनी मां को मधुमक्खियों से घिरा देखा।बिफइया ने बेटे को अपनी तरफ आते देखा तो उसे पास आने से रोक दिया। उसने चिल्लाकर कार्तिक को वापस जाने के लिए कहा और बताया कि मधुमक्खियों ने हमला कर दिया है। मां की बात सुनकर कार्तिक आगे नहीं बढ़ा और तुरंत घर पहुंचकर पिता जयप्रसाद को पूरी घटना की जानकारी दी।
कंबल में लपेटकर पत्नी को उठाया और नाले में कूद गया पिता
बेटे से घटना की जानकारी मिलते ही जयप्रसाद कंबल लेकर खेत की तरफ दौड़ा। वहां उसने पत्नी को जमीन पर गिरा देखा। उसके शरीर पर मधुमक्खियां चिपकी हुई थीं।जयप्रसाद ने कंबल की मदद से पत्नी को ढका और उसे गोद में उठाकर नाले में छलांग लगा दी। पानी में जाने के बाद मधुमक्खियां शरीर से दूर हुईं, लेकिन तब तक बिफइया की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी।परिजन उसे घर लेकर पहुंचे। इसके बाद शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे 108 एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बिफइया को मृत घोषित कर दिया।
सरगुजा में पांच दिन में मधुमक्खियों से दूसरी महिला की मौत
सरगुजा में मधुमक्खियों के हमले से पांच दिन के भीतर दो महिलाओं की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले 22 सितंबर को उदयपुर क्षेत्र के देवगढ़ गांव में 81 वर्षीय महिला पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला किया था।वह अपनी पुत्रवधू और चार साल की नातिन के साथ खेत में फसल काटने गई थी। हमले के दौरान परिवार के दूसरे सदस्य बचकर निकल गए, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण बुजुर्ग महिला वहां से नहीं भाग सकी। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
दोनों घटनाओं में छत्ते से छेड़छाड़ की बात सामने नहीं आई
ग्रामीणों के मुताबिक दोनों घटनाओं में महिलाओं ने मधुमक्खियों के छत्ते के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की थी। घटनास्थल के आसपास भी मधुमक्खियों का छत्ता दिखाई नहीं दिया। बताया गया कि झुंड कहीं और से उड़कर आया और महिलाओं पर हमला कर दिया।
खुद जिंदगी से लड़ती रही, लेकिन बेटे को खतरे में नहीं पड़ने दिया
बिफइया की घटना का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि खुद मधुमक्खियों के हमले में बुरी तरह फंसी होने के बावजूद उसने बेटे को अपनी ओर आने नहीं दिया। अगर कार्तिक मां की बात नहीं मानता और खेत की तरफ आगे बढ़ जाता, तो वह भी मधुमक्खियों की चपेट में आ सकता था।बिफइया ने अपनी आखिरी घड़ी में बेटे को खतरे से दूर कर दिया, लेकिन खुद उसकी जान नहीं बच सकी।




















