
टीकमगढ़: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने वहां पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) से एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर जांचने को कहा। सीएचओ BP जांचने की प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ नजर आईं। इसके बाद कलेक्टर ने खुद मौके पर हस्तक्षेप किया और उन्हें ब्लड प्रेशर मापने की प्रक्रिया समझाई।
घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ कर्मचारियों की कार्यक्षमता और प्रशिक्षण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कलेक्टर के सामने CHO नहीं कर पाईं BP की जांच
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद महिला मरीज की जांच करने के लिए CHO रितु अहिरवार से उसका ब्लड प्रेशर मापने को कहा। बताया गया कि CHO को BP जांचने में परेशानी हुई और वह प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं।स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने स्वयं उन्हें BP मशीन के इस्तेमाल और जांच की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मौके पर ही आवश्यक चरणों की जानकारी देते हुए ब्लड प्रेशर लेने का तरीका बताया।
शैक्षणिक योग्यता की भी ली जानकारी
BP जांचने में आई परेशानी के बाद कलेक्टर ने CHO से उनकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि स्वास्थ्यकर्मी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जांच की प्रक्रिया में दिक्कत क्यों आई।
इस दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं के साथ वहां तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया।
ग्रामीणों ने कहा- नियमित नहीं खुलता स्वास्थ्य केंद्र
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी कलेक्टर के सामने उप स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का आरोप था कि सापौन का उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे लोगों को सामान्य जांच और प्राथमिक उपचार के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की।
व्यवस्था सुधारने के कलेक्टर ने दिए निर्देश
ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आया यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में केवल भवन और सुविधाओं की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि वहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की व्यावहारिक दक्षता और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की जरूरत को सामने लाता है।




















